फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन फ्रैक्चर, जोड़ बदलने, रीढ़ की समस्या, लकवा और लंबे ICU भर्ती के बाद मरीज़ों को फिर से चलने-फिरने और ताकत पाने में मदद करता है। हर मरीज़ के लिए व्यायाम और दैनिक कामकाज का मार्गदर्शन तय किया जाता है।
कब आएँ
- ऑपरेशन या फ्रैक्चर के बाद
- कमर, गर्दन, घुटना या कंधे का दर्द
- लकवा या लंबी भर्ती के बाद कमज़ोरी
